गाड़ी अटैच करने के लिए ज़रूरी कागज़
Documents required to attach your car: full checklist
गाड़ी रिजेक्ट होने और पेमेंट रुकने की सबसे बड़ी वजह यही होती है कि कोई कागज़ कम है या उसकी डेट निकल चुकी है। ये लिस्ट एक बार ध्यान से देख लीजिए, और कंपनी, MNC या सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के लिए अप्लाई करने से पहले गाड़ी, ड्राइवर और मालिक के कागज़ तैयार रखिए।
एक नज़र में लिस्ट
| कागज़ | कंपनी | MNC | सरकारी दफ्तर |
|---|---|---|---|
| कमर्शियल RC (पीली / हरी प्लेट) | हाँ | हाँ | हाँ |
| परमिट (टैक्सी / कॉन्ट्रैक्ट कैरिज या AITP) | हाँ | हाँ | हाँ |
| फिटनेस सर्टिफिकेट | हाँ | हाँ | हाँ |
| कमर्शियल इंश्योरेंस | हाँ | हाँ | हाँ, कॉम्प्रिहेंसिव, अनलिमिटेड TP |
| PUC | हाँ | हाँ | हाँ |
| AIS-140 GPS + पैनिक बटन सर्टिफिकेट | ज़्यादातर | हाँ | जहाँ ज़रूरी हो |
| ड्राइविंग लाइसेंस | हाँ | हाँ | हाँ (2+ साल का एक्सपीरियंस) |
| ड्राइवर का पुलिस वेरिफिकेशन | अक्सर | हाँ, हर साल नया | हाँ |
| मालिक का PAN, आधार, बैंक डिटेल | हाँ | हाँ | हाँ |
| GST सर्टिफिकेट | लागू हो तो | लागू हो तो | अक्सर मांगते हैं |
गाड़ी के कागज़
- रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) जिसमें गाड़ी ट्रांसपोर्ट व्हीकल के तौर पर दर्ज हो। सफ़ेद प्लेट वाली प्राइवेट गाड़ी नहीं चलती। देखें सफ़ेद प्लेट या पीली प्लेट।
- परमिट: लोकल ड्यूटी के लिए राज्य का टैक्सी या कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट, या दूसरे राज्यों के काम के लिए ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट।
- फिटनेस सर्टिफिकेट। ट्रांसपोर्ट गाड़ी का ये 8 साल पुरानी होने तक हर 2 साल में रिन्यू होता है, उसके बाद हर साल।
- कमर्शियल इंश्योरेंस पैसेंजर लायबिलिटी के साथ। GeM वाले सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में कॉम्प्रिहेंसिव कवर और अनलिमिटेड थर्ड-पार्टी लायबिलिटी चाहिए।
- PUC सर्टिफिकेट, उस दिन वैलिड होना चाहिए।
- AIS-140 ट्रैकिंग डिवाइस और इमरजेंसी बटन लगने का सर्टिफिकेट, और डिवाइस VAHAN पर रजिस्टर्ड हो, पब्लिक सर्विस गाड़ियों के लिए।
- रोड टैक्स / स्टेट टैक्स की रसीदें, आपके राज्य के हिसाब से।
- फाइनेंसर की NOC, अगर गाड़ी लोन पर है और कॉन्ट्रैक्ट या कमर्शियल करवाने में मांगी जाए।
- गाड़ी के अंदर: फर्स्ट-एड किट, जो सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स में ज़रूरी है। और अगर कॉन्ट्रैक्ट में मांगा जाए तो आग बुझाने का सिलेंडर (फायर एक्सटिंग्विशर)। GeM के कैब कॉन्ट्रैक्ट में ये मांगा जाता है।
ड्राइवर के कागज़
- ड्राइविंग लाइसेंस। 7,500 kg से कम की ट्रांसपोर्ट कार चलाने के लिए कानूनी तौर पर LMV लाइसेंस काफ़ी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में ये पक्का किया। फिर भी कुछ राज्य और क्लाइंट बैज मांगते हैं। लाइसेंस आप Parivahan Sarathi पर चेक कर सकते हैं।
- एक्सपीरियंस: GeM कॉन्ट्रैक्ट में कम से कम 2 साल गाड़ी चलाने का एक्सपीरियंस मांगा जाता है।
- पुलिस वेरिफिकेशन आपके राज्य के पुलिस पोर्टल से। MNC के ट्रांसपोर्ट प्लेटफ़ॉर्म आम तौर पर 12 महीने से पुराना सर्टिफिकेट नहीं लेते, और ये हर साल नया करवाना होता है।
- आधार / फोटो ID और एड्रेस प्रूफ़।
- मेडिकल फिटनेस, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के लिए।
- फोटो, उस फोटो ID कार्ड के लिए जो बहुत से क्लाइंट ड्राइवरों को देते हैं।
मालिक और बिज़नेस के कागज़
- PAN कार्ड। पेमेंट लेने और TDS के लिए चाहिए।
- आधार कार्ड और एड्रेस प्रूफ़।
- बैंक अकाउंट की डिटेल: कैंसल चेक या पासबुक की कॉपी, बैंक ट्रांसफ़र के लिए।
- GST रजिस्ट्रेशन, अगर आपका टर्नओवर लिमिट पार कर जाए या क्लाइंट मांगे।
- Udyam (MSME) रजिस्ट्रेशन। ज़रूरी नहीं, पर सरकारी टेंडर में काम आता है, जहाँ MSE को EMD से छूट और दूसरी रियायतें मिल सकती हैं।
- साइन किया हुआ एग्रीमेंट वेंडर या क्लाइंट के साथ। उसकी एक कॉपी अपने पास रखें।
हर सेक्टर की अलग शर्तें
सरकारी दफ्तर
GeM के टेंडर में अपनी शर्तें जुड़ती हैं। आम शर्तें हैं: मॉडल ईयर (अक्सर 2022 या उसके बाद), गाड़ी पहले से कितने km चल चुकी है उसकी लिमिट (अक्सर 50,000 km), ड्राइवर की वर्दी और ID, और कभी-कभी ड्राइवरों के ESI/EPF रिकॉर्ड। पूरी लिस्ट हमारे सरकारी दफ्तर वाले पेज पर है।
MNC और IT कंपनियां
यहाँ सेफ्टी की जांच ज़्यादा सख़्त है। GPS ट्रैकिंग, हर साल पुलिस वेरिफिकेशन और ड्राइवर का बैकग्राउंड चेक होगा, ये मानकर चलिए। महिला कर्मचारियों वाली नाइट शिफ्ट के लिए एस्कॉर्ट और रूट को लेकर राज्य के नियम भी हैं। हमारा MNC वाला पेज देखें।
प्राइवेट कंपनियां
यहाँ शर्तें सबसे ज़्यादा अलग-अलग होती हैं। छोटी कंपनी शायद सिर्फ़ RC, इंश्योरेंस, परमिट और लाइसेंस देखे। बड़ी कंपनियां MNC की तरह ऑडिट करती हैं। देखें कंपनी में गाड़ी अटैच करना।
देरी से बचने के टिप्स
- सारे कागज़ एक फ़ोल्डर में रखें, फ़ोन में स्कैन भी रखें, और हर कागज़ की एक्सपायरी डेट लिख लें।
- इंश्योरेंस, फिटनेस, परमिट और PUC एक्सपायर होने से पहले रिन्यू करवाएं। एक भी कागज़ एक्सपायर हुआ तो ड्यूटी रुक सकती है और पेनल्टी भी लग सकती है।
- RC, इंश्योरेंस और बैंक अकाउंट पर नाम एक जैसा होना चाहिए।
- ओरिजिनल कभी किसी को मत दीजिए। सेल्फ-अटेस्टेड कॉपी काफ़ी है।
चाहते हैं कि हम आपके कागज़ चेक करें?
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कंपनी में गाड़ी अटैच करने के लिए कौन से कागज़ चाहिए?
गाड़ी के लिए: कमर्शियल RC, वैलिड परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, कमर्शियल इंश्योरेंस, PUC, और जहाँ मांगा जाए वहाँ AIS-140 GPS लगने का सर्टिफिकेट। ड्राइवर के लिए: लाइसेंस, ID और पुलिस वेरिफिकेशन। मालिक के लिए: PAN, आधार और बैंक डिटेल। MNC और सरकारी दफ्तर इससे ज़्यादा भी मांग सकते हैं।
क्या गाड़ी अटैच करने के लिए GST रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?
आम तौर पर GST रजिस्ट्रेशन तब ज़रूरी होता है जब सर्विस से आपका सालाना टर्नओवर GST रजिस्ट्रेशन की लिमिट से ऊपर चला जाए। कुछ स्पेशल कैटेगरी राज्यों में ये लिमिट कम है। बहुत से सरकारी टेंडर वैसे भी GST सर्टिफिकेट मांगते हैं। अगर कोई वेंडर आपको पेमेंट करता है, तो उससे पूछ लें कि GST का हिसाब कैसे होगा। अपने केस के लिए किसी CA से एक बार पक्का कर लें।
ड्राइवर का पुलिस वेरिफिकेशन कैसे करवाएं?
ये आपके राज्य की पुलिस के सिटिज़न सर्विस पोर्टल पर होता है। वहाँ तक आप डिजिटल पुलिस पोर्टल (digitalpolice.gov.in) से पहुँच सकते हैं। बहुत से राज्यों में कर्मचारी या घरेलू हेल्पर का वेरिफिकेशन ऑनलाइन अप्लाई होता है। ड्राइवर खुद भी पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई कर सकता है।
क्या वेंडर को ओरिजिनल कागज़ देने चाहिए?
नहीं। सेल्फ-अटेस्टेड फोटोकॉपी या स्कैन दीजिए। अगर उन्हें चेक करना है, तो ओरिजिनल दिखाइए और वापस ले लीजिए। आपकी ओरिजिनल RC, इंश्योरेंस और परमिट आपके पास या गाड़ी में रहते हैं, जैसा कानून कहता है।
गाड़ी अटैच करनी है?
WhatsApp पर अपनी गाड़ी की डिटेल भेजें। बस 2 मिनट लगेंगे।
Send your car details on WhatsApp.
ईमेल: hello@attachcar.com
जानकारी कहाँ से ली
जहाँ हो सके, हम नियम सरकारी सोर्स से मिलाकर लिखते हैं। कानून, टेंडर और रेट बदलते रहते हैं। कोई भी कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से पहले अपने RTO, गाड़ी लेने वाली कंपनी या दफ्तर, या टैक्स एक्सपर्ट से एक बार पक्का कर लें।
- GeM: Standard Service Level Agreements (cab hiring conditions)
- GeM: Seller FAQs
- MoRTH G.S.R. 272(E): fitness of transport vehicles
- CMVR Rule 125H: VLTD and emergency button (Tripura Transport notification)
- All India Tourist Vehicles (Permit) Rules, 2023
- Digital Police Portal (MHA)
- Parivahan Sarathi: driving licence services
- MoveInSync: Safe employee transport with GPS tracking and vetted drivers