अपनी गाड़ी कंपनी में मंथली कॉन्ट्रैक्ट पर अटैच करें
Attach your car with companies on monthly contract
फैक्ट्री, ऑफिस, BPO, अस्पताल, स्कूल और स्टार्टअप, सबको रोज़ गाड़ियां चाहिए: स्टाफ का पिकअप-ड्रॉप, सीनियर स्टाफ और साइट विज़िट के लिए। ज़्यादातर कंपनियां खुद गाड़ी नहीं रखना चाहतीं, इसलिए कमर्शियल गाड़ियां मंथली कॉन्ट्रैक्ट पर लेती हैं। हम आपकी गाड़ी को ये काम दिलाने में मदद करते हैं।
- हर महीने पक्का काम
- खुद चलाएं या ड्राइवर रखें
- दिन या रात की शिफ्ट
- साइन से पहले शर्तें साफ

कंपनी में गाड़ी अटैच करने का मतलब क्या है
अटैच करने का मतलब है कि आपकी कमर्शियल रजिस्टर्ड गाड़ी किसी कंपनी की रेगुलर ड्यूटी पर लगती है, आमतौर पर आप या आपका ड्राइवर चलाता है, और हर महीने एक तय रकम मिलती है। कंपनी को भरोसे की गाड़ी मिल जाती है, उसे खरीदना, सर्विसिंग करवाना या इंश्योरेंस करवाना नहीं पड़ता। आपको लगातार काम मिलता है, इधर-उधर की बुकिंग का इंतज़ार नहीं करना पड़ता।
कभी-कभी डील सीधी होती है, आपके (या किसी छोटे ऑपरेटर के) और कंपनी के बीच। अक्सर ये ट्रांसपोर्ट वेंडर के ज़रिए होती है, जिसके पास कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट होता है और वो ओनर-ड्राइवरों की गाड़ियां अटैच करता है। बड़ी कंपनियां ज़्यादातर वेंडर से काम लेती हैं। बहुत सी छोटी और मीडियम कंपनियां सीधे लोकल ऑपरेटर से गाड़ी लेती हैं।
कंपनी में किस तरह का काम मिलता है
स्टाफ पिकअप और ड्रॉप
एम्प्लॉई के घर और ऑफिस के बीच तय रूट।
- गाड़ी
- सेडान, Ertiga, Innova, Tempo Traveller
- घंटे
- शिफ्ट के हिसाब से, सुबह और शाम
एग्जीक्यूटिव के लिए अलग गाड़ी
किसी डायरेक्टर या सीनियर मैनेजर के लिए एक गाड़ी।
- गाड़ी
- सेडान, प्रीमियम सेडान, Innova Crysta
- घंटे
- दिन में 8 से 12 घंटे
पूल या ऑफिस कार
बैंक के काम, क्लाइंट विज़िट और छोटे-मोटे काम।
- गाड़ी
- हैचबैक या सेडान
- घंटे
- ऑफिस टाइम
फैक्ट्री और प्लांट शिफ्ट
शिफ्ट वर्कर्स को इंडस्ट्रियल एरिया ले जाना।
- गाड़ी
- Ertiga, Innova, Tempo Traveller
- घंटे
- बदलती शिफ्ट
साइट विज़िट
इंजीनियर और स्टाफ को प्रोजेक्ट साइट ले जाना।
- गाड़ी
- SUV, Bolero, Innova
- घंटे
- दिन की ड्यूटी, कभी-कभी आउटस्टेशन
कंपनियों को कौन सी गाड़ी चाहिए
सबसे ज़्यादा मांगसेडान
Dzire, Aura, Amaze, Tigor, Etios
सबसे ज़्यादा मांग। एग्जीक्यूटिव के लिए और छोटे ग्रुप के पिकअप-ड्रॉप के लिए।
फ़ोटो: Sant1207ug, CC BY-SA 4.0

MUV
Ertiga, XL6, Innova, Innova Crysta
4 से 6 एम्प्लॉई वाले रूट, और सीनियर मैनेजमेंट की गाड़ी।

Tempo Traveller
12 से 17 सीटर
बड़े ग्रुप के लिए शटल और शिफ्ट ट्रांसपोर्ट, अक्सर फैक्ट्री और प्लांट तक।
फ़ोटो: Yann Forget, CC BY-SA 3.0

हैचबैक
Swift, WagonR, i10
ज़्यादातर पूल कार और ऑफिस के छोटे काम। पिकअप-ड्रॉप रूट कम मिलते हैं।
फ़ोटो: Riding Hub, CC BY 3.0
मांग बढ़ रही हैइलेक्ट्रिक गाड़ी (EV)
Nexon EV, Tigor EV और दूसरी
ग्रीन टारगेट वाली कंपनियों में मांग बढ़ रही है, खासकर बेंगलुरु और दिल्ली NCR में।
फ़ोटो: DriveSpark, CC BY 3.0
कंपनियां गाड़ी कैसे लेती हैं
- 1
ज़रूरत तय
एडमिन या ट्रांसपोर्ट टीम तय करती है: गाड़ी का टाइप, कितनी गाड़ियां, घंटे, km और शिफ्ट।
- 2
कोटेशन की तुलना
ट्रांसपोर्ट वेंडर या लोकल ऑपरेटर से रेट कार्ड मंगाकर मिलाए जाते हैं।
- 3
गाड़ी और ड्राइवर की जांच
कागज़, गाड़ी की हालत और ड्राइवर वेरिफिकेशन चेक होते हैं।
- 4
एग्रीमेंट साइन
आमतौर पर 6 से 12 महीने का। इसमें रेट कार्ड, एक्स्ट्रा, पेनल्टी और नोटिस पीरियड होता है।
- 5
ड्यूटी और बिल
ट्रिप ड्यूटी स्लिप या ऐप में दर्ज होती हैं। बिल महीने में एक बार जाता है, पेमेंट बैंक ट्रांसफर से आता है।
अब बड़ी कंपनियां एम्प्लॉई ट्रांसपोर्ट सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करती हैं, जो हर ट्रिप को GPS से ट्रैक करता है और बिल को ट्रिप लॉग से मिलाता है। बिल पर झगड़ा हो तो यही डेटा फैसला करता है, इसलिए GPS चालू रखें और लॉग सही रखें।
कंपनियां पेमेंट कैसे करती हैं: कॉन्ट्रैक्ट के तरीके
- सबसे आम
फिक्स्ड मंथली पैकेज
हर महीने तय km और घंटों के लिए एक फिक्स्ड रकम, और एक्स्ट्रा km और एक्स्ट्रा घंटे का अलग रेट। टोल, पार्किंग, नाइट ड्यूटी और आउटस्टेशन ट्रिप आमतौर पर ऊपर से मिलते हैं।
किसके लिए सही: EMI और घर के खर्च के लिए पक्की कमाई।
रोज़ या km के हिसाब से
हर ड्यूटी वाले दिन का पैसा, जैसे 8 घंटे / 80 km का स्लैब, या km के हिसाब से रोज़ के मिनिमम के साथ।
किसके लिए सही: ऐसा काम जहां ड्यूटी के दिन हर महीने बदलते हैं।
फिक्स्ड बेस और ऊपर से ट्रिप
एक छोटी फिक्स्ड रकम, और हर ट्रिप का अलग पैसा। पिकअप-ड्रॉप में आम है, जहां हाइब्रिड वर्किंग से ट्रिप कम-ज़्यादा होती हैं।
किसके लिए सही: ऐसे रूट जहां ट्रिप की गिनती तय नहीं है।
क्लाइंट का रेट आपकी कमाई नहीं है
अगर आप वेंडर के ज़रिए अटैच हैं, तो आपको वेंडर का पेमेंट मिलेगा, क्लाइंट वाला रेट नहीं। वेंडर से पूछें कि वो आपको कितना देगा, कितना काटेगा, और फ्यूल कौन देगा। फिर उसमें से फ्यूल, EMI और बाकी खर्चे घटाकर देखें कि हाथ में कितना बचता है।
साइन करने से पहले कॉन्ट्रैक्ट में क्या देखें
ये सब लिखित में लें:
- क्लाइंट कंपनी का नाम और आपको कहां रिपोर्ट करना है
- महीने की रकम, उसमें कितने km और घंटे शामिल हैं, कितने वर्किंग डे
- एक्स्ट्रा km, एक्स्ट्रा घंटे, नाइट और आउटस्टेशन का रेट
- फ्यूल, टोल और पार्किंग कौन देगा, और वो पैसा आपको वापस कैसे मिलेगा
- पेमेंट की तारीख, बैंक ट्रांसफर से पेमेंट, और पेमेंट के लिए कौन से कागज़ देने होंगे
- लेट पहुंचने, गाड़ी खराब होने या छुट्टी लेने पर कटौती और पेनल्टी
- गाड़ी वर्कशॉप में हो और उन्हें दूसरी गाड़ी चाहिए, तब क्या होगा
- कॉन्ट्रैक्ट कितने समय का है, नोटिस पीरियड, कोई डिपॉज़िट है तो कब वापस मिलेगा
अगर कोई एजेंट ये बातें लिखकर देने से मना करे, तो वहां से निकल जाएं। हमारी कार अटैचमेंट धोखा गाइड में खतरे के निशान दिए हैं।
कंपनी में गाड़ी कैसे अटैच करें: स्टेप बाय स्टेप
- 1
गाड़ी की डिटेल भेजें
हमें +91-7065166337 पर WhatsApp करें, साथ में गाड़ी का मॉडल, साल, फ्यूल, रजिस्ट्रेशन और शहर भेजें। - 2
कागज़ों की जांच
हम आपकी RC, परमिट, इंश्योरेंस, फिटनेस, PUC, GPS, लाइसेंस और पुलिस वेरिफिकेशन चेक करते हैं। पूरी लिस्ट यहां है। - 3
सही काम से मैच
हम ऐसी कंपनी की ज़रूरत ढूंढते हैं जो आपकी गाड़ी, आपके एरिया और आपके चाहे घंटों में फिट हो। - 4
शर्तें समझें
हां कहने से पहले हम आपके साथ रेट, km, घंटे, एक्स्ट्रा, पेमेंट की तारीख और पेनल्टी समझ लेते हैं। - 5
गाड़ी की जांच
क्लाइंट या वेंडर गाड़ी देखता है और ड्राइवर से मिलता है। - 6
ड्यूटी शुरू
अपनी ड्यूटी स्लिप और ट्रिप लॉग संभालकर रखें। महीने का पेमेंट इन्हीं के हिसाब से होता है।
इन शहरों में हम कंपनी में गाड़ी अटैच करवाते हैं

दिल्ली NCR
हम इन एरिया में काम करते हैं
नई दिल्ली, गुड़गांव (गुरुग्राम), नोएडा और ग्रेटर नोएडा, गाज़ियाबाद
दिल्ली NCR में कार अटैचमेंट
बेंगलुरु
हम इन एरिया में काम करते हैं
व्हाइटफ़ील्ड और ITPL, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, आउटर रिंग रोड (मराठाहल्ली से सरजापुर), मान्यता टेक पार्क और हेब्बल
बेंगलुरु में कार अटैचमेंट
हैदराबाद
हम इन एरिया में काम करते हैं
HITEC City और माधापुर, गाचीबौली, फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट और नानकरामगुडा, कोंडापुर और कोकापेट
हैदराबाद में कार अटैचमेंट
गुड़गांव
हम इन एरिया में काम करते हैं
DLF Cyber City और Cyber Hub, गोल्फ कोर्स रोड और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, उद्योग विहार, सोहना रोड
गुड़गांव में कार अटैचमेंट
मुंबई
हम इन एरिया में काम करते हैं
BKC और कुर्ला, लोअर परेल और वर्ली, नरीमन पॉइंट और फोर्ट, पवई और अंधेरी ईस्ट
मुंबई में कार अटैचमेंट
अहमदाबाद
हम इन एरिया में काम करते हैं
SG Highway और प्रह्लाद नगर, आश्रम रोड और CG रोड, GIFT City (गांधीनगर), साणंद
अहमदाबाद में कार अटैचमेंट
नोएडा
हम इन एरिया में काम करते हैं
सेक्टर 62 और सेक्टर 63, सेक्टर 125 से 135 (नोएडा एक्सप्रेसवे), सेक्टर 142 से 144, फिल्म सिटी (सेक्टर 16A)
नोएडा में कार अटैचमेंट
पुणे
हम इन एरिया में काम करते हैं
हिंजेवाड़ी फेज़ 1 से 3, खराडी और EON IT पार्क, मगरपट्टा और हडपसर, विमान नगर और येरवडा
पुणे में कार अटैचमेंट
चेन्नई
हम इन एरिया में काम करते हैं
OMR (IT कॉरिडोर) और शोलिंगनल्लूर, तारामणि और पेरुंगुडी, गिंडी और एक्काटुथांगल, अंबत्तूर
चेन्नई में कार अटैचमेंट
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कंपनी में मंथली बेसिस पर गाड़ी कैसे अटैच करें?
आपकी गाड़ी कमर्शियल रजिस्टर्ड होनी चाहिए, साथ में वैलिड परमिट, इंश्योरेंस, फिटनेस और PUC। फिर आप खुद किसी कंपनी की एडमिन या ट्रांसपोर्ट टीम से मिल सकते हैं, या किसी ट्रांसपोर्ट वेंडर के ज़रिए अटैच हो सकते हैं जो कंपनियों को गाड़ियां देता है। Attach Car दिल्ली NCR, गुड़गांव, नोएडा, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद और चेन्नई में गाड़ियों को कंपनी की ज़रूरत से मिलाता है। WhatsApp करें +91-7065166337 पर।
क्या मैं कंपनी में अपनी गाड़ी खुद चला सकता हूं?
हां। ज़्यादातर ओनर-ड्राइवर अपनी गाड़ी खुद चलाते हैं। आप अपना रखा हुआ ड्राइवर भी लगा सकते हैं, पर तब उसकी सैलरी आप देंगे, और उसके बर्ताव और कागज़ों की ज़िम्मेदारी भी आपकी होगी।
मंथली गाड़ी के लिए कंपनी कितना देती है?
ये गाड़ी, km, घंटे और फ्यूल कौन देगा, इस पर निर्भर करता है। ज़्यादा घंटे और ज़्यादा km का पैसा ज़्यादा मिलता है। आपके हाथ में कितना बचेगा, ये फ्यूल, आपकी EMI और वेंडर की कटौती पर निर्भर है। WhatsApp पर अपनी गाड़ी की डिटेल भेजें, हम बताएंगे कि अभी की ज़रूरतों में कितना मिल रहा है।
क्या EMI पर ली हुई गाड़ी अटैच हो सकती है?
हां, अगर गाड़ी कमर्शियल रजिस्टर्ड है, इंश्योरेंस है और आपके फाइनेंसर को कोई दिक्कत नहीं है। पहले हिसाब लगा लें। काम कम वाले महीने में भी EMI नहीं रुकती, इसलिए कॉन्ट्रैक्ट से फ्यूल, EMI और बाकी खर्चे निकलकर भी कुछ बचना चाहिए। किसी कॉन्ट्रैक्ट के लिए नई गाड़ी खरीदने से पहले लिखित वर्क ऑर्डर ले लें।
कौन बेहतर है: कंपनी, MNC या सरकारी दफ्तर?
सरकारी दफ्तर लंबा कॉन्ट्रैक्ट और साफ नियम देते हैं, पर उन्हें नई गाड़ी चाहिए और पेनल्टी सख्त होती है। MNC में काम लगातार मिलता है, सेफ्टी ऑडिट सख्त होते हैं, और अक्सर नाइट शिफ्ट होती है। प्राइवेट कंपनियां गाड़ी की उम्र और शर्तों को लेकर सबसे आसान होती हैं। पर हर कंपनी की शर्तें अलग-अलग होती हैं, इसलिए लिखित एग्रीमेंट ध्यान से पढ़ें।
अपनी गाड़ी कंपनी में अटैच करें
WhatsApp पर अपनी गाड़ी की डिटेल भेजें। बस 2 मिनट लगेंगे।
Send your car details on WhatsApp.
ईमेल: hello@attachcar.com
जानकारी कहाँ से ली
जहाँ हो सके, हम नियम सरकारी सोर्स से मिलाकर लिखते हैं। कानून, टेंडर और रेट बदलते रहते हैं। कोई भी कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से पहले अपने RTO, गाड़ी लेने वाली कंपनी या दफ्तर, या टैक्स एक्सपर्ट से एक बार पक्का कर लें।